Vyas Vishnu Rupaya

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Vyas Vishnu Rupaya

Number of Pages : 558
Published In : 2017
Available In : Hardbound
ISBN : 978-93-263-5446-2
Author: Nirmal Kumar Jain

Overview

मनुष्य के प्रेम में क्या है जो अप्सरा उर्वशी से अप्सरा की स्वच्छंदता छुडवाकर प्रेम की जोगन बना देता है. ये कुछ रहस्य हैं जो इस उपन्यास को उतना ही रोचक बना देते हैं जितना ज्ञानवर्धक. उपन्यास ‘व्यास विष्णु रूपाय’ महर्षि व्यास के जीवन पर आधारित है. महर्षि व्यास भारतीय परंपरा द्वारा मानी आठ अमर मनुष्यों में एक हैं. इस विशवास का यथार्थपरक उपयोग किया है निर्मल कुमार ने. आज भारत जिन समस्याओं से जूझ रहा है उसके बीच महर्षि के कर्मों और विचारों से कराया है. उन्होंने पाठकों तक यह बात पहुचाई है की व्यास हमें वर्तमान भारत की समस्याओं को सुलझाने का क्या मार्ग दिखाते.

Price     Rs 850/-

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मनुष्य के प्रेम में क्या है जो अप्सरा उर्वशी से अप्सरा की स्वच्छंदता छुडवाकर प्रेम की जोगन बना देता है. ये कुछ रहस्य हैं जो इस उपन्यास को उतना ही रोचक बना देते हैं जितना ज्ञानवर्धक. उपन्यास ‘व्यास विष्णु रूपाय’ महर्षि व्यास के जीवन पर आधारित है. महर्षि व्यास भारतीय परंपरा द्वारा मानी आठ अमर मनुष्यों में एक हैं. इस विशवास का यथार्थपरक उपयोग किया है निर्मल कुमार ने. आज भारत जिन समस्याओं से जूझ रहा है उसके बीच महर्षि के कर्मों और विचारों से कराया है. उन्होंने पाठकों तक यह बात पहुचाई है की व्यास हमें वर्तमान भारत की समस्याओं को सुलझाने का क्या मार्ग दिखाते.
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